एक ‘छोटी’ सी कहनी

                    

मैं  विजय.. नशे में मैं अपने दोस्त अमित के साथ घर आता हूं |
घर पर मेरी छोटी बहन मेरा इंतजार कर रही होती है |
(knocking door)
छोटी दरवाजा खोल..
दरवाजा खोल छोटी..
(Choti opens the door)

सो गई थी क्या छोटी?
अच्छा ठीक है जा और सो जा..
सुन! तेरा दुपट्टा कहां है?
तुझसे हजार बार बोला है ना दुपट्टा डाल कर रहा कर.. चल जा अब..

आ बैठ अमित..
अरे वो एक quarter पड़ा होगा ना तेरे पास, खोल उसे..
आज तेरी सरकारी नौकरी लगी है, मैं तो खूब पियूंगा..
ला इधर अपना ग्लास  भी दे..
क्या! तू और नहीं पिएगा..?
चल ठीक है, मैं ही पी लूंगा फिर..
(फिर मैं नशे में बेहोश हो जाता हूं,थोड़ी देर बाद मुझे छोटी के चिल्लाने की आवाज़ आती है और मैं नशे में उठ कर छोटी के कमरे में जाता हूं)
क्या हुआ छोटी रो क्यों रही है??
साले अमित यह तू क्या कर रहा है मेरी छोटी बहन के साथ??

छोटी-छोटी तू... तू ठीक है ना छोटी??
चल तू मेरे साथ पुलिस स्टेशन..
इसने कुछ किया तो नहीं छोटी.. कुछ बोल ना छोटी..
(इतने में पीछे से कुछ मारकर अमित मुझे बेहोश कर देता है)
(होश में आने के बाद)
ए छोटी उठ..उठ छोटी चल पुलिस के पास चल..

पुलिस स्टेशन -

विजय - साहब हमें रिपोर्ट लिखानी है |
पुलिस - क्या हुआ?
विजय - साहब, हमारी छोटी बहन के साथ……… :-’(
पुलिस - क्या हुआ? बलात्कार?
विजय - हां साहब
पुलिस - बलात्कार करने वाले का नाम?
विजय - साहब अमित कटियार
पुलिस - अरे वह पुरवा के प्रधान का लड़का?
विजय - हां साहब
पुलिस - अच्छा रुको (calls pradhan) (20 सेकंड बाद) अच्छा! जाओ बेटा रिपोर्ट तो नहीं लिख पाएंगे..वह अभी FIR का समय खत्म हो चुका है..ऐसा करो तुम 4 दिन बाद आओ.. अभी हम छुट्टी पर हैं 3 दिन.. जाओ..
विजय - साहब पर वो हमारी बहन के साथ…..
पुलिस - अरे तुमसे कहा ना 4 दिन बाद आना
विजय - चल छोटी  घर..

घर पहुँच कर -
मैं  शहर के डॉक्टर से बात करता हूँ, तू आराम कर |

कुछ समय बाद -
डॉक्टर साहब बाहार गए हुए हैं..
ये साले सब प्रधान के नौंकर हैं..
सब झूठ बोल रहे हैं.. हमारी तो कुछ समझ में नहीं आ रहा हम क्या करें..

एक हफ़्ते बाद -
(standing near door)
छोटी तू आराम कर मैं खाना बनाकर लाया तेरे लिये..
(cooking choti’s favourite food)
छोटी देख मैंने तेरी मनपसंद भिंडी बनाई है..

Knock !   Knock !
छोटी रुक मैं आया.. गेट पर कोई है..
अरे चाची बताइए क्या हुआ?
छोटी अंदर है.. पर अब क्या फायदा??
जब जरूरत थी तब तो कोई आया नहीं.. अब जब भूलना चाह रहे हैं तो सब आ रहे हो फिर से चोट देने..
आइए चाची !
छोटी देख चाची आई हैं..
(choti suicides)

छोटी यह क्या कर लिया रे तूने छोटी
नहीं-नहीं छोटी.. तू कमजोर नहीं पड़ सकती है रे..
ऐ छोटी..
(Vijay goes to Vaidya ji)
वैद्य जी देखिए ना इसने क्या कर लिया.. इसको कैसे भी ठीक कर दीजिए ना…..

(AFTER 5 DAYS)
(IN FRONT OF HIS DEAD PARENT’S PHOTO)
(WHILE EATING BHINDI KI SABZI)
ऐ छोटी! देखना हम तेरी मनपसंद सब्जी बनाए हैं..
आ जाना खाने :-(

हमको माफ कर दीजिएगा बाबूजी..
हम आप की लाडली का ख्याल नहीं रख पाए..
अम्मा वह साला अमित, हमारी छोटी का जीवन बर्बाद कर दिया.. पूरा गांव छोटी  को बुरी नजरों से देखता था और बदचलन कह कर बुलाता था..
प्रधान भी अपने लड़के का ही साथ दिया..
अम्मा हमारे साथ कोई नहीं था..
“तो हम सारा पाप अपने सर ले लिए और छोटी को खाने में ज़हर मिला कर दे दिए..”
हमें माफ कर देना मां
हमें माफ़ कर देना….

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