मेरे हीरो - पापा

“चंदा ने पूछा तारों से,
तारों ने पूछा हजारों से,
सबसे प्यारा कौन है,
पापा मेरे पापा |”


मां की ममता की तो हर कोई बात करता है, लेकिन पिता द्वारा दी गयी कुर्बानियों का कम ही लोग जिक्र करते हैं |
अगर मां जीवन की सच्चाई है, तो पिता इस जीवन का आधार|
“मैं मानती हूं कि मां के बिना जीवन अधूरा है, पर पिता के बिना भी कौन सा पूरा है”
पिता वह शख्स है जो हर पल हमें संभालने के लिए हमारे साथ खड़ा रहता है | कभी मार्गदर्शक बनकर तो कभी एक दोस्त बनकर |
बचपन में साइकिल से गिरने से बचाना हो या बड़े होकर सही राह दिखाना एक पिता के सिवा और कौन ही कर सकता है |

“शरारतों पर वह हंसता है,
बस ऊपर से सख़्ती दिखाता है,
अपने हीरो को देखकर कमजोर ना पड़ जाए बेटियां,
इसीलिए बाप अपने आंसू छुपाता है|”

एक बेटी की ताकत और उसका ग़ुरूर होते हैं पिता,
सबके दिलों की धड़कन और सारे घर की शान होते हैं पिता|

पूरे दिन की थकान के बाद भी कभी न शिकायत करने वाला,अपने बच्चों की हर एक इच्छा को हंसकर पूरी करने वाला,अपने परिवार के लिए सब कुछ क़ुर्बान करने वाला वह शख्स है पिता|

“दो कपड़े कम पास तुम्हारे,
तुमको यह नहीं परवाह है,
बच्चों को कुछ भी कमी रहे ना,
इसी बात का झगड़ा है |”

अपने बच्चों के लिए सब कुछ कर के भी उसका कभी एहसास नहीं होने देता है एक पिता|
अंत में बस यही कहना है-
“पापा खुद सब सहते हो हमसे नहीं कुछ कहते हो|”

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